■ विजय वडेट्टीवार व प्रतिभा धानोरकर का शीतयुद्ध चरम पर
■ अब पोस्टरवॉर और जातिगत राजनीति कांग्रेस पर क्यों हुई हावी ?
विरोध दल नेता व कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार और पूर्व सांसद दिवंगत बालू धानोरकर की पत्नी कांग्रेस विधायक प्रतिभा धानोरकर के बीच शीतयुद्ध अब चरम पर पहुंच चुका है। बीते अनेक दिनों से जारी रस्साकशी अब गंभीर आरोपों वाले पोस्टरवॉर से आगे बढ़ते हुए जातिगत राजनीति तक पहुंच चुका है। इस बीच कांग्रेस की चंद्रपुर लोकसभा टिकट की घोषणा दिल्ली के आलाकमान ने कल तक होल्ड पर रख दिया है। इसके चलते दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं में भी शीतयुद्ध का खेल गति पकड़ रहा है। कांग्रेस के आपसी विवाद का लाभ यकीनन भाजपा को लाभान्वित करने के आसार है।
कांग्रेस में गुटबाजी का इतिहास बेहद पुराना
कांग्रेस में गुटबाजी का इतिहास बेहद पुराना है। चंद्रपुरवासियों ने कांग्रेस की अनेक गुटबाजियां देखी है। फिर चाहे नरेश पुगलिया हो या शांताराम पोटदुखे ऐसे अनगिनत उदाहरण है, जिसमें से कांग्रेस की नैया डोलते-डोलते यहां तक पहुंची है। और अब यह गुटबाजी धानोरकर व वडेट्टीवार के खेमों में बंट चुकी है।शिवानी वडेट्टीवार की इंट्री से मिली हवा
लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां बढ़ने लगी तो विरोधी दल नेता विजय वडेट्टीवार की पुत्री शिवानी वडेट्टीवार ने तूफानी भेट यात्रा शुरू कर लोकसभा के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश करने का दावा किया। इस पर कांग्रेस विधायक प्रतिभा धानोरकर ने पलटवार करते हुए अपने पति व पूर्व सांसद बालू धानोरकर की मौत के लिए कांग्रेस के ही नेता जिम्मेदार होने का सनसनीखेज बयान जारी किया। साथ ही किसी भी कार्यकर्ता को टिकट मांगने का अधिकार होने की प्रतिक्रिया दी।चक्रव्यूह में फंस गये वडेट्टीवार
विजय वडेट्टीवार ने अपनी पुत्री शिवानी वडेट्टीवार को लोकसभा का टिकट दिलाने के लिए प्रयास शुरू किया। लेकिन मामला जैसे ही दिल्ली के आलाकमान तक पहुंचा तो फांस पलट गया। यदि विजय वडेट्टीवार स्वयं लोकसभा की टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं तो यह टिकट उन्हें दिया जाएगा, वरना इस टिकट पर प्रतिभा धानोरकर को मौका दिया जाएगा। ऐसे में जिलावासियों से यह छिपा नहीं है कि भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार से सीधी टक्कर लेने के लिए विजय वडेट्टीवार कभी सहजता से तैयार नहीं होंगे। इसके पीछे अनेक कारण हैं।
कभी
तेली तो कभी कुणबी का दांव
गत दिनों कांग्रेस नेता
प्रकाश देवतले ने तेली समाज के चंद लोगों को आगे करते हुए कांग्रेस की टिकट तेली
समाज को प्रतिनिधित्व करने वालों को देने की मांग की। अब यह मामला पोस्टरवॉर से
होते हुए जातिगत राजनीति के दलदल में पहुंच गया है। हाल ही में वायरल दोनों गुटों
के पोस्टरों में अनेक प्रकार की आपत्तिजनक व गंभीर आरोपों वाले मुद्दे कांग्रेस की
प्रतिमा को मलिन कर रहे हैं। अब कुणबी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले को ही टिकट
देने की मांग की जा रही है।